Pindasth Dhyaan
150 150 admin

सजग हो जाएं। ये शरीर नश्वर है। इसका मिटना तय है। एक दिन ये शरीर हमारे कर्मो के साथ राख में मिल जाएगा और बचेगा तो कर्म और शरीर से रहित शुद्ध-बुद्ध अविनाशी तत्व। यही तत्व ज्ञाता और दृष्टा है। हमें इसी तत्व का ध्यान करना है। अपने नाभि पर ध्यान लगाएं। महसूस करें, नाभि…

Panch Parmeshthi Dhyan
150 150 admin

आज हम पांच परमेष्ठी का ध्यान करने जा रहे हैं। अपने पूरे शरीर को ढीला कर दीजिए। समर्पण के भाव से भर जाएं। पांच परमेष्ठी के पांच रंगों का स्मरण करें। अरिहंत परमेष्ठी का सफेद जो सात्विकता और शक्ति के प्रतीक होता है। सिद्ध परमेष्ठी का लाल, उर्जा स्फूर्ति का प्रतीक। आचार्य परमेष्ठी का पीला…

Urja Pravah Dhyaan
150 150 admin

ध्यान का सर्वप्रथम ध्येय, समर्पण। अपने शरीर के सभी अंगो को ढीला व शांत करें। अपने शरीर को अपने मानसिक निर्देश से शिथिल करें व अपने गुरु व प्रभु का स्मरण करें, धन्यवाद दें। अपने श्वांस और नि:श्वांस में संतुलन बनाएं व बीजाक्षर ॐ के उच्चारण से अपने शरीर, नस, नाड़ियों को ऊर्जावान करें। जल्दी…

भावना योग (Without Instructions)
150 150 admin

भावना योग का महत्व जैन साधना में जो ध्यान है वह चित्त की एकाग्रता का नाम है और वहां तो यह कहा गया कि यदि तुम ध्यान की गहराई में डूबना चाहते हो तो ‘तुम कोई भी चेष्टा मत करो, कुछ बोलो मत, कुछ सोचो मत, आत्मा को आत्मा में स्थिर रखो; यही परम ध्यान…

भावना योग (With Instructions)
150 150 admin

भावना योग का महत्व जैन साधना में जो ध्यान है वह चित्त की एकाग्रता का नाम है और वहां तो यह कहा गया कि यदि तुम ध्यान की गहराई में डूबना चाहते हो तो ‘तुम कोई भी चेष्टा मत करो, कुछ बोलो मत, कुछ सोचो मत, आत्मा को आत्मा में स्थिर रखो; यही परम ध्यान…

भावना योग का चमत्कार – क्या हैं भावना योग?
150 150 admin

भावना योग का महत्व जैन साधना में जो ध्यान है वह चित्त की एकाग्रता का नाम है और वहां तो यह कहा गया कि यदि तुम ध्यान की गहराई में डूबना चाहते हो तो ‘तुम कोई भी चेष्टा मत करो, कुछ बोलो मत, कुछ सोचो मत, आत्मा को आत्मा में स्थिर रखो; यही परम ध्यान…

Facebook
YouTube
Instagram