क्षमावाणी पर्व
261 261 admin

क्षमावाणी पर्व क्या है? * यह दिन अपने मन में बंधी क्रोध, अहंकार, राग व…

उत्तम ब्रह्मचर्य(Supreme Celibacy)
261 261 admin

ब्रह्मचर्य के अर्थ : *ब्रह्म का अर्थ होता है -आत्मा। आत्मा की उपलब्धि के लिए…

उत्तम आकिंचन्य धर्म (Supreme Non-Attachment)
261 261 admin

आकिंचन्य आकिंचन्य मतलब खाली हो जाना।खाली होने से अभिप्राय है कि अंदर बाहर सब तरफ…

उत्तम त्याग धर्म (Supreme Renunciation)
261 261 admin

*जोड़ना संग्रह है और जोड़कर उससे चिपक जाना परिग्रह है। *धन का संग्रह करना भी…

उत्तम तप(Supreme Austerity)
261 261 admin

उत्तम तप क्या है? *आसक्ति से विरक्ति, अशांति से शांति की ओर प्रस्थान का नाम…

उत्तम संयम धर्म(Supreme Restraint)
261 261 admin

खुद को गलत कार्यों से बचाते हुए अच्छे कार्यों की तरफ ले जाना ही उत्तम…

उत्तम शौच धर्म(Supreme Purity)
261 261 admin

उत्तम शौच से अभिप्राय :- उत्तम शौच का अर्थ है पवित्रता। आचरण में नम्रता, विचारों…

उत्तम सत्य धर्म (Supreme Truth)
261 261 admin

उत्तम सत्य धर्म 1.यह रूप भी असत्य, यहरंग भी असत्य, यह भोग भी असत्य, यह…

उत्तम आर्जव धर्म (Supreme Straightforwardness)
261 261 admin

उत्तम आर्जव धर्म – वक्रता, कुटिलता, मायाचारी हमारे जीवन का टेढ़ापन है। -जीवन को सीधा…

अहं से ही अहंकार
261 261 admin

अहंकार – झुकोगे तो मजबूत बनोगे, अकड़ोगे तो टूट जाओगे। – अहं क्या है? अपने…

उत्तम मार्दव धर्म (Supreme Modesty)
261 261 admin

क्या होता है मार्दव धर्म? कोमलता के भाव ही मार्दव है। चित्त की सरलता, विनय…

क्रोध- क्षमा का शत्रु
261 261 admin

क्रोध: -सहन करने में समाधान है, जवाब देने में संघर्ष। -एक गुणवान मनुष्य जिसे बिना…