कृतज्ञ और प्रेमी कैसे बनें?
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कृतज्ञ और प्रेमी कैसे बनें? Forgive and Forget जैसे को तैसे में बदले की भावना नजर आती है जबकि जैन धर्म बीती ताहि बिसर दे और क्षमा करने में विश्वास रखता है। जैन सिद्धांत की दृष्टि से इसे कैसे समझें।

भीतर की खुशी या बाहर की खुशी क्या जरूरी?
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भीतर की खुशी या बाहर की खुशी क्या जरूरी? Inner happiness vs worldly happiness अपनी खुशी यदि हम भीतर से खुश रहने के लिए तैयार हैं तो फिर हमारा हर काम अपने आप में अनूठा होगा, आनंददायी होगा। बाहर से प्राप्त खुशी वास्तविक न होकर अस्थाई रूप से प्राप्त खुशी की प्रतिछाया होगी। उस व्यक्ति…

कर्म से बचने का क्या उपाय है?
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कर्म से बचने का क्या उपाय है? Can we shield ourselves from Karmas? हम जीवन में निरंतर कोई न कोई कर्म करते रहते हैं, क्या ऐसा को तरीका है जिससे हम कर्म बंध करने से बाख सकें- सुने मुनि श्री प्रमाण सागर जी से कर्म बंध से बचने के उपाय

मरणोपरांत ज्ञान साथ जायेगा क्या?
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मरणोपरांत ज्ञान साथ जायेगा क्या? Does knowledge stay with us after death? लाइफ आफ्टर डैथ ‘ एक रहष्यमय विषय है । वर्षों से लोगों के लिए एक कोतुहल रह़ा है कि , मृत्यु के बाद क्या होता है ? हम कहाँ जाते है , क्या करते है , और क्या मृत्यु के बाद भी कोई…

कर्मों का फल इसी जन्म में मिलता है?
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कर्मों का फल इसी जन्म में मिलता है? Do we bear the fruits of Karma in same life? यदि अच्छे कर्म कर रहे हैं तो उसका अच्छा फल कुछ ही समय के पश्चात मिलता है और यदि बुरे कर्म कर रहे हैं तो दण्ड भी इसी जन्म में मिलता है।सुनिए मुनि श्री प्रमाण सागर द्वारा…

गलतियों से सीखना सीखें
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गलतियों से सीखना सीखें Learn from mistakes