शंका
निमित्त कुछ नहीं करता। इस बारे में हम क्या धारणा बनाएँ?
समाधान
आपने हमसे पूछा है कि ‘महाराज कुछ बोलेंगे तो हमको कुछ समझ में आ जायेगा।’ मतलब आप ये समझते हैं कि किसी के निमित्त से किसी को समझ में आ जायेगा। यदि किसी के निमित्त से किसी को समझ में आ सकता है, तो यही समझ लो कि निमित्त की क्या भूमिका है! इसी के बल पर निमित्त का सारा काम होता है। ‘निमित्त कुछ नहीं करता’ ये कहना भी गलत है और ‘निमित्त सब कुछ करता है’ ये भी कहना गलत है। “निमित्त – उपादान को उभरने में सहायक बनता है” बस इतनी ही धारणा बनाकर चलिए।
Leave a Reply