img
दिनांक: 2016-08-15; वर्तमान स्थान: वैशाली नगर, अजमेर; आहार चर्या: वैशाली नगर, अजमेर; शंका समाधान कार्यक्रम: वैशाली नगर, अजमेर;
मुनि श्री प्रमाण सागर जी महाराज एवं मुनि श्री विराट सागर जी महाराज ससंघ श्री दिगम्बर जैन छतरी मंदिर वैशाली नगर अजमेर राजस्थान में विराजमान हैं.

श्रावक संस्कार शिविर 2016

Android Mobile App
-PRAMANIK-
एंडरॉइड मोबाइल ऍप
-प्रामाणिक-
मुनि प्रमाणसागरजी
Muni PramanSagar Ji
img
झारखंड प्रान्त के हजारीबाग शहर में जन्मे मुनि श्री प्रमाणसागर जी, संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के प्रमुख शिष्यों में से हैं। अल्पवय में ही अंतर्यात्रा की ओर उन्मुख होने वाले मुनिश्री साधना, संयम और सृजन के सशक्त हस्ताक्षर हैं। आपका चिन्तन और अभिव्यक्ति कौशल हजारों - हजारों श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर भाव-विभोर कर देता है। धारा प्रवाह प्रवचन में शब्द-सौष्ठव एवं प्रस्तुतिकरण की मोहकता, मधुबन में बांसुरी की भांति प्रभावी है। आप .......और अधिक
img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

img

download

जैन दर्शन में आत्मशक्तियों के विकास अथवा आत्मा से परमात्मा बनने की शिखर यात्रा के क्रमिक सोपानों को चौदह गुणस्थानों द्वारा बहुत सुंदर ढंग से विवेचित किया गया है. जैन दर्शन में जीव के आवेगों-संवेगों और मन-वचन-काय की प्रवत्तियों के निमित्त से अन्तरंग भावों में होने वाले उतार-चढ़ाव को गुणस्थानों द्वारा बताया जाता है. गुणस्थान जीव के भावों को मापने का पैमाना है. परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज की मंगल प्रेरणा से मधुबन, सम्मेदशिखरजी में निर्मित होने जा रहे, धर्मायतन "गुणायतन" में इन्हीं चौदह गुणस्थानों को "दृष्य-श्राव्य-रोबोटिक्स प्रस्तुति" के माध्यम से दर्शनार्थियों को समझाया जायेगा. परिसर में बनने वाले जिनालय, जैन स्थापत्य और कला के उत्कृष्ट उदाहरण होगें .. अधिक जानने के लिये क्लिक करें.
गुणायतन

Photo Gallary
तीर्थराज श्री सम्मेद शिखरजी में सर्वांगीण विकास का सम्यक् यतन
तीर्थ हमारे प्राण हैं. तीर्थों की सुरक्षा हमारा परम दायित्व है. परम पूज्य आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के मंगल आशीर्वाद एवं परम पूज्य मुनि श्री प्रमाणसागर जी महाराज की मंगल प्रेरणा से श्री सेवायतन का शुभारंभ हुआ. तीर्थों की सुरक्षा के लिये यह आवश्यक है कि क्षेत्र के मूल निवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार मिले जिससे कि वे क्षेत्र के विकास एवं सुरक्षा से अपने आप को जोड़ सकें, इसी दिशा में कार्यरत है श्री सेवायतन .. अधिक जानने के लिये क्लिक करें.
श्री सेवायतन

ShriSevaytan
img
मुनि श्री विराट सागर जी
img
जीवन परिचय
ब्रह्मचारी श्री शांति कुमार जी जैन
img
जीवन परिचय
contact@munipramansagar.net
Hits Count -->
Updated 31-08-2016
Valid XHTML 1.0 Transitional
Unicode Encoded