नरक गति के दुख हमें कहाँ मिलते हैं?

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शंका

हम छह-ढाला में जो नरक गति के दुखों का वर्णन पढ़ते हैं, वे दुःख हमें कहाँ मिलते हैं? क्या उनके लिए नरक में कोई विशिष्ट क्षेत्र बना हुआ है?

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समाधान

नरक है ही ऐसा! जिसका नाम सुनकर नर कांप जाये, उसका नाम नरक है। जिसका नाम सुनकर नर को कपकपी लगे- वह नरक है; और रहा सवाल कि नरक में क्षेत्र-विशेष है क्या? संपूर्ण नरक का क्षेत्र ही ऐसा है, वह क्षेत्र के प्रभाव से यह सब दुख हर प्राणी को सहने पड़ते हैं, जो पाप के फलस्वरूप होता है।

Edited by: Pramanik Samooh

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